कैसे करें डायरी लिखने की शुरुआत।

डायरी लिखना बहुत अच्छी बात है और डायरी लिखना कोई बड़ी बात नहीं है,इसे हम बहुत ही आसानी से लिख सकते हैं। यदि आप लिखने के शौकीन हैं तो आप डायरी लिखने की शुरुआत कर सकते हैं। यदि सही मायने में देखा जाए तो डायरी लिखने के लिए किसी विशेष ज्ञान की जरूरत नहीं होती है और ना ही डायरी लिखने का कोई अलग ढंग होता है, आप अपनी डायरी अपने ढंग से लिख सकते हैं।

डायरी लिखना शुरू करने से पहले आपको कुछ बातों पर ध्यान देना होगा जैसे हर रोज डायरी लिखना और डायरी लिखने का समय निश्चित करना आदि। यदि आप सच में डायरी लिखने के शौकीन है तभी आप डायरी लिखने की शुरुआत करें। क्योंकि डायरी लिखना कोई एक-दो दिन का काम नहीं है आप पूरी जिंदगी भर डायरी लिख सकते हैं।

डायरी लिखने से हमारी मानसिकता विकसित होती है,इससे हमारी श्रवण शक्ति बढ़ती है। डायरी लिखने से इंसान टेंशन जैसे मानसिक रोगों से बचा रहता है क्योंकि कुछ बातें ऐसी होती हैं जो हम दूसरों के साथ नहीं बांट पाते हैं और उन बातों को हम अपने अंदर ही अंदर सोचते रहते हैं उनका कोई हल ना निकलने पर हम डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में आप अपने उन विचारों को अपनी डायरी के साथ बांटकर अपना मन हल्का कर सकते हैं। इस प्रकार डायरी हमारे लिए एक सच्चे मित्र का काम भी करती है।

अपनी पर्सनल डायरी में हम अपनी निजी बातें राय विचार या कामकाज से जुड़ी सभी प्रकार की बातें लिखते हैं। कुछ लोग अपनी डायरी को किसी एक विशेष विषय पर भी लिखते हैं। जैसे कोई अपने स्कूल या कॉलेज या किसी विशेष यात्रा पर डायरी लिखता है। ऐसे में हम उस डायरी को कभी भी पढ़ कर अपनी उन विशेष यादों को ताजा कर सकते हैं।

डायरी लिखने के कोई नियम कानून नहीं होते हैं इसे आप अपने ढंग से लिख सकते हैं परंतु फिर भी कुछ बातें ऐसी होती हैं जो आपको डायरी लिखने से पहले ध्यान रखनी बहुत की आवश्यक है। इन बातों से आपको डायरी लिखने में बहुत मदद मिलने वाली है। तो आइए आज हम आपको डायरी लिखने के कुछ तथ्यों से अवगत कराते हैं।

डायरी लिखने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातें।

1.सबसे पहले हर रोज डायरी लिखने का संकल्प करें।

डायरी लिखना तो बहुत आसान है परंतु हर रोज डायरी लिखना बिना किसी संकल्प के मुमकिन नहीं है। डायरी को एक या दो दिन नहीं बल्कि पूरी जिंदगी तक लिखी जाती है। इसलिए संकल्प करें कि आप हर रोज अपनी डायरी को लिखेंगे।

2.कैसी डायरी खरीदें।

डायरी हमेशा छोटे आकार की ही ले जिससे आप उसे आसानी से अपने हाथ में पकड़ कर कहीं भी ले जा सके। डायरी के चुनाव का विषय बहुत ही जरूरी है यदि आप गलती से बड़ी डायरी का चुनाव करते हैं तो आप उसमें अनकंफरटेबल महसूस होने की वजह से डायरी लिखना छोड़ सकते हैं।

3.डायरी के प्रति ईमानदार बने।

जो भी आपके जीवन में घटित तथ्य हैं उनको अपनी डायरी में जरूर लिखें कुछ भी झूठ अपनी डायरी में ना लिखें।यदि हम कुछ तथ्य अपनी डायरी से छुपा रहे हैं या कुछ भी मनगढ़ंत लिख रहे हैं,तो आपको अपनी डायरी की मित्रता पर भरोसा नहीं है। ऐसी डायरी लिखने का कोई फायदा नहीं है।

4.डायरी में तारीख जरूर लिखें।

हमेशा जब भी आप अपनी डायरी लिखने बैठे हैं, तो सबसे पहला शब्द तारीख का होना चाहिए। हमेशा तारीख डालने के बाद ही अगला शब्द लिखना शुरू करें। डायरी में तारीख डालने से बहुत सारे फायदे होते हैं। इससे सबसे पहला फायदा है यदि आप कुछ तथ्य भूल जाते हैं। डायरी में वह तथ्य पड़ने पर आपको पता चल जाता है कि आपके साथ यह घटना किस समय घटित हुई है।

5.डायरी लिखने का समय जरूर निश्चित करें।

डायरी लिखने का समय निश्चित करना बहुत ही जरूरी है,यदि हम डायरी लिखने का समय निर्धारित नहीं करते हैं तो हम नियमित रूप से डायरी नहीं लिख पाते हैं।इसलिए डायरी लिखने का समय जरूर निर्धारित करें।

6.डायरी को आकर्षित बनाएं।

आप अपनी डायरी को कितना आकर्षक बना सकते हैं यह आप पर निर्भर करता है। अपनी डायरी को आकर्षक बनाने के लिए आप अपनी डायरी में हर विषय के लिए अलग से शीर्षक बना कर और उनमें छोटी-छोटी फोटोस को लगाकर अपनी डायरी को बहुत ही आकर्षक बना सकते हैं।

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