अयोध्या राम मंदिर की पूरी कहानी।

राम मंदिर का इतिहास।
हिंदू धर्म के लोगों का मानना है कि श्री राम जी का जन्म अयोध्या में हुआ था और हमारे पुराने ऐतिहासिक ग्रंथों से भी यही पता चला है की अयोध्या श्री राम जी की जन्मभूमि रही है।
कहा जाता है कि श्री राम जी ने जल समाधि ले ली थी उनके जाने के बाद उनके पुत्र कुश ने महल में जहां श्री राम जी का कक्ष हुआ करता था वहां श्री राम जी की मूर्ति बनाकर एक मंदिर बनवा दिया। उन्होंने इस मंदिर की अच्छे से देखभाल की और उनके बाद भी जितने राजा हुए सभी ने मंदिर को खूब तवज्जो दी। पीढ़ी के अंतिम राजा बृहदुल के शासन तक यह मंदिर ऐसे ही बरकरार रहा।
बृहदुल की मृत्यु के लगभग 100 साल बाद चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य 1 दिन यात्रा करते -करते अयोध्या नगरी पहुंचे। अब तक अयोध्या नगरी की सभी इमारतें ढह चुकी थी। वहां दूर-दूर तक केवल जंगल ही नजर आते थे। विक्रमादित्य अपनी सेना के साथ कुछ समय वहां ठहरे तो उनके साथ बहुत चमत्कार हुए। चमत्कारों से प्रभावित हो विक्रमादित्य ने इस जगह के इतिहास के बारे में जानने की कोशिश की तो वहां रह रहे ब्राह्मणों, ऋषि मुनियों से पता चला कि यह श्री राम जी की अवध भूमि है यहां श्री राम जी रहा करते थे।
यह सब जानने के बाद सम्राट विक्रमादित्य ने इस जगह पर एक विशाल मंदिर सरोवर और महल का निर्माण करवाया विक्रमादित्य के जाने के बाद के राजाओं ने भी इस मंदिर की खूब संभाल की थी।
ऐसा करते करते सदियां बीत गई। 11वीं शताब्दी में राजा जयचंद ने मंदिर के शिलालेख से विक्रमादित्य का नाम मिटवा कर अपना नाम लिखवा दिया। जयचंद पानीपत के युद्ध में मारे गए। इस हार में बहुत नुकसान हुआ। ब्राह्मणों की हत्या कर दी गई तथा मूर्तियों को भी तोड़ दिया गया।
फिर 14 वी शताब्दी के बाद हिंदुस्तान मुगलों के अधीन हो गया।अब सारी बाग-डोर मुगल सम्राटों के हाथ में आ गई। 15वीं शताब्दी में राम मंदिर को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया।
मुगलों के एक राजा बाबर ने मंदिर को तुड़वाकर मंदिर की जगह पर बाबरी मस्जिद बनवा दी।

क्या है राम मंदिर विवाद

•यह एक राजनीतिक और धार्मिक विवाद है यह विवाद आज का नहीं है यह बहुत सालों से चला आ रहा है।
•इस विवाद का मुख्य मुद्दा राम मंदिर और बाबरी मस्जिद की भूमि को लेकर है।
• हिंदुओं का कहना है कि राम मंदिर को तुड़वा कर वहां बाबरी मस्जिद को बनवाया गया था। इसलिए हिंदुओं का कहना है कि वह भूमि राम मंदिर की है।
•1992 मैं एक रैली के दौरान बाबरी मस्जिद को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया था।
• इसके बाद यह मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय में गया। फिर 30 सितंबर 2010 को 3 न्यायधीस्सो ने फैसला सुनाया और कहा कि 2.77 एकड़ भूमि तीन भागों में बांटा जाएगा। जिसमें से 1/3 राम मंदिर,1/3 सूत्री वक्फ वर्ड और 1/3 भाग अखाड़े को दिया जाएगा।
• फिर 9 नवंबर 2019 को  मुख्य न्यायालय के न्यायाधीश रंजन गिरि द्वारा पिछले फैसले को रद्द कर दिया गया और यह भूमि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कर दी गई तथा इस भूमि पर राम मंदिर निर्माण के लिए यह भूमि एक ट्रस्ट को सौंप दी गई।

राम मंदिर भूमि पूजन क्या है।

4 अगस्त 2020 से ही राम मंदिर भूमि पूजन की तैयारियां शुरू हो चुकी है।बुधवार 5 अगस्त को राम मंदिर भूमि पूजन का कार्यक्रम किया जाएगा।इस कार्यक्रम का सभी अयोध्यावासी ही नहीं बल्कि पूरा देश बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
अयोध्या नगरी को नई नवेली दुल्हन की तरह सजाया गया है। अयोध्या वासियों के घरों में घी के दिए जलाए जा रहे हैं मानो जैसे आज दिवाली का त्यौहार हो और सच में यह दिवाली से कम भी नहीं है। क्योंकि हिंदू धर्म में भगवान श्रीराम को एक पाक पवित्र और महान व्यक्तित्व वाले इंसान माना गया है।
भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भी इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं। इस कार्यक्रम के दौरान 3 घंटे तक नरेंद्र मोदी जी अयोध्या नगरी में ही रहेंगे। मोदी जी के साथ आरएसएस के प्रमुख मोहन भगवत और अन्य मंत्री भी शामिल होंगे।

 पीएम मोदी की अयोध्या जाने की समय सूची

पीएम मोदी 9:35 मिनट पर दिल्ली एयरपोर्ट से एक विशेष हवाई जहाज में अयोध्या के लिए रवाना होंगे। ठीक 1 घंटे के समय अंतराल के बाद 10:35 मिनट पर विमान लखनऊ के एयरपोर्ट पर लैंड करेगा। इसके बाद नरेंद्र मोदी जी हेलीकॉप्टर से अयोध्या के लिए रवाना होंगे। 11:30 मिनट पर अयोध्या में साकेत कॉलेज की हेलीपैड पर लैंड करेंगे। 11:40 मिनट पर हनुमानगढ़ी पहुंचकर 10 मिनट तक दर्शन पूजन होगा। 12:00 बजे राम जन्मभूमि जाएंगे। 12:40 मिनट पर नरेंद्र मोदी जी राम मंदिर की नींव रखेंगे। उसके बाद 2:05 मिनट पर मोदी जी साकेत कॉलेज की हेलीपैड की तरफ रवाना होंगे। 2:20 मिनट पर वे लखनऊ के लिए रवाना होंगे।

राम मंदिर भूमि पूजन से जुड़ी कुछ अन्य बातें

बुधवार 5 अगस्त को अयोध्या में धारा 144 लागू रहेगी। इसके
 तहत बाहर से आने जाने वाले यात्रियों की मनाही रहेगी। कहीं पर भी 5 से ज्यादा व्यक्ति इकट्ठे ना हो इस बात का खास ध्यान रखा जाएगा। कोरोना महामारी के चलते सभी को अपने घर रह कर यह कार्यक्रम न्यूज़ चैनल व बहुत सारे सरकारी हैंडल के द्वारा लाइव दिखाया जाएगा।

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